Pashchatya Kavyashastra
by Dr. Jitendra Nath Mishra
₹400
| ISBN | 9789395430074 |
| Language | Hindi |
| Publication Year | 2023 |
| Edition | 1 |
| Pages | 390 |
| Binding | Paper Back |
| Publisher | VPMANDIR |
About this book
पाश्चात्य काव्यशास्त्र पर पुस्तकें अनेक हैं। छात्र परिश्रमपूर्वक उन्हें पढ़ते भी हैं पर यह विषय उनके लिए अबूझ बना रहता है। इसका कारण यह है कि ये पुस्तकें उनके भीतर काव्यशास्त्रीय विचारों अथवा अवधारणाओं की स्पष्ट समझ विकसित नहीं कर पातीं। साफ समझ के साथ विषय-प्रवेश होने पर छात्र की रुचि कदम-दर-कदम बढ़ती जाती है और उसका मस्तिष्क गंभीरतर विचारों को ग्रहण करने के लिए अपने आप तैयार होता जाता है। समस्या यह है कि पाश्चात्य काव्यशास्त्र की सारी आधार-सामग्री अंग्रेजी में है। उसका अच्छा से अच्छा हिन्दी अनुवाद भी पढ़ने का धैर्य जुटाना छात्रों के वश में नहीं होता, उसे समझना तथा उसमें निहित विचारों को ग्रहण करना तो बहुत दूर की बात है। इस समस्या के समाधान के लिए विशेष रूप से तैयार की गई इस पुस्तक में अंग्रेजी की मूल पुस्तकों के उद्धरण यथावत् लिये गए हैं किन्तु कथ्य अथवा प्रतिपाद्य ऐसी सरल एवं सुबोध हिन्दी में प्रस्तुत किया गया है जो अनुवाद की तरह नहीं बल्कि मूल की तरह रुचिकर एवं ग्राह्य है। चार दशकों के अध्यापन-अनुभव से सम्पन्न विद्वान लेखक के विचार जितने सुलझे हुए हैं, विषय-प्रतिपादन की शैली तथा भाषा उतनी ही सरल एवं सुबोध है। पुरानी से पुरानी तथा नयी से नयी काव्यशास्त्रीय अवधारणाओं की स्पष्ट समझ विकसित करने वाली समग्र, संपूर्ण एवं अद्यतन पुस्तक हाथ लगने पर पाश्चात्य काव्यशास्त्र अब पाठकों के लिए अबूझ नहीं रहेगा।