Lok Sahitya (folklore)
by Prof. Vijay Kumar
Hindi
₹150
🛒 Order this book| ISBN / ID | 9789395430142 |
| Language | Hindi |
| Edition | 2023 |
| Volume | 1 |
| Pages | 200 |
| Binding | Paper Back |
| Publisher | VPMANDIR |
About this book
लोक साहित्य की लोकप्रियता और आवश्यकता आज भारतीय संस्कृति का अध्ययन करने के लिए एक महत्त्वपूर्ण कड़ी बन गयी है। भारतीय संस्कृति गाँव-गिराँव के रहन-सहन, खान-पान, रीति-रिवाज, लोक गीतों, लोक-संस्कारों, लोक कथाओं, लोकगाथाओं, मुहावरों, कहावतों आदि में व्याप्त है। उसके अध्ययन-मनन के उपरांत हमारी संस्कृति के बहुत से आयामों के पट खुलते हैं। लोक साहित्य का विशाल भंडार बुजुर्गों के कंठों में आज भी मौजूद है। समय रहते उसके संकलन करने का गुरुतर भार युवा-पीढ़ी के अनुसंधानकर्ताओं पर है। अत: युवा पीढ़ी और सरकार का दायित्व बनता है कि उसे सुरक्षित और संकलित करने का प्रयास होना चाहिए।